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MIC + B12 Injection | Riverside Pharmacy Solutions
Hindi News Lifestyle Vitamin B12 Important Information (Benefits, Foods, Deficiency) सेहतनामा- मनुष्य का शरीर विटामिन B-12 नहीं बनाता:लेकिन इसके बिना जिंदा भी नहीं रह सकता, ये सांस लेने की तरह जरूरी कॉपी लिंक पता है, वो कौन सी ऐसी चीज है, जो बहुत रेयर है। प्रकृति में बहुत मुश्किल से मिलती है। लेकिन अगर वो न होती तो हमारे पास न मोबाइल होते, न लैपटॉप और न ही कोई भी ऐसी चीज, जो बैटरी से चलती है। वो चीज दरअसल एक मेटल है। नाम है कोबाल्ट। दुनिया की सारी लीथियम बैटरीज में इस मेटल का इस्तेमाल होता है। विज्ञान इतना आगे बढ़ गया, लेकिन आज तक हम इस मेटल का कोई दूसरा विकल्प या रिप्लेसमेंट नहीं खोज पाए। न सिर्फ बैटरीज के निर्माण, बल्कि इंसानी शरीर के निर्माण और बुनियादी स्वास्थ्य के लिए भी कोबाल्ट उतना ही क्रिटिकल है। ये जितना क्रिटिकल है, उतना ही रेयर भी। और यकीन मानिए, बैटरी की तरह मनुष्य के लिए भी विज्ञान इस मेटल का कोई विकल्प अब तक नहीं खोज पाया है। हम बात कर रहे हैं विटामिन B-12 की। इस विटामिन के केमिकल कंपोजिशन में कोबाल्ट केंद्रीय तत्व है। तो आज सेहतनामा में बात करेंगे विटामिन B-12 की और जानेंगे इससे जुड़ा हर जरूरी फैक्ट और हर जरूरी सवाल का जवाब। आगे बढ़ने से पहले जानते हैं विटामिन B-12 से जुड़े कुछ जरूरी और रोचक फैक्ट्स। भारत की 47% आबादी क्रॉनिक विटामिन B-12 डिफिशिएंट है यानी उनके शरीर में इस क्रिटिकल तत्व की कमी है। देश की 74% आबादी बॉर्डरलाइन विटामिन B-12 डिफिशिएंट है। विटामिन B-12 का निर्माण एक बेहद जटिल प्रक्रिया है। मनुष्य का शरीर विटामिन B-12 बनाने में सक्षम नहीं है। हम इसे सिर्फ बाहरी स्रोतों के जरिए ही ले सकते हैं। हमारा लिवर एक बार में 3 से 5 साल तक के लिए विटामिन B-12 स्टोर करके रखता है। यही कारण है कि विटामिन B-12 की कमी होने पर तकरीबन 2 साल तक इसके लक्षण दिखाई नहीं देते क्योंकि बॉडी अपने स्टोरेज से इसका इस्तेमाल कर रही होती है। दुनिया के किसी वेजिटेरियन सोर्स, पेड़-पौधों, घास में विटामिन B-12 नहीं पाया जाता। ऐसे में एक सवाल ये उठता है कि गाय, घोड़ा, हाथी, हिरन जैसे शाकाहारी जीवों को विटामिन B-12 कैसे मिलता है क्योंकि यह उनके लिए भी बहुत जरूरी तत्व है। इसकी वजह है उनके शरीर में पाया जाने वाला एक खास तरह का गट बैक्टीरिया, जो घास के साथ मिट्टी खाने के कारण भी उनके पेट में जाता है और अपनी पॉपुलेशन बढ़ाता है। जानवरों में यह गट बैक्टीरिया विटामिन B-12 प्रोड्यूज करता है, लेकिन मनुष्यों के शरीर में ये बैक्टीरिया नहीं होता। शरीर में विटामिन B-12 के एब्जॉर्वशन के लिए जरूरी है कि हमारे स्टमक एसिड में पर्याप्त मात्रा में इंट्रिन्सिक फैक्टर (IF) हो। एंटासिड जैसी दवाइयां IF लेवल को कम कर देती हैं। इसलिए जो लोग ज्यादा एंटासिड खाते हैं, उनके शरीर में विटामिन B-12 ठीक से एब्जॉर्व नहीं होता। विटामिन B-12 की कमी का सबसे ज्यादा असर मेमोरी पर दिखता है। अगर आप छोटी-छोटी बातें भूल रहे हैं, घड़ी, चश्मा, पेन या टिफिन बैग में रखने जैसी मामूली बातें भी भूल जा रहे हैं तो यह विटामिन B-12 की कमी का संकेत है। विटामिन B-12 का शरीर में क्या काम है यह विटामिन शरीर में प्रमुख एडमिनिस्ट्रेटर की तरह काम करता है। यह न हो तो शरीर का पूरा सिस्टम ही अपना काम करना भूल जाता है। जैसेकि रेड ब्लड सेल्स (RBC) शरीर के लिए सांस लेने की तरह है। उसका काम है फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर उसे शरीर के हर हिस्से तक पहुंचाना और शरीर के हर हिस्से से कार्बन डाई ऑक्साइड लेकर उसे वापस फेफड़ों तक पहुंचाना। अब इस रेड ब्लड सेल के निर्माण में विटामिन B-12 की बुनियादी भूमिका है। विटामिन B-12 न हो तो RBC बनेंगे ही नहीं। हमारे शरीर की संरचना में सबसे बुनियादी ईकाई है DNA और RNA। इन्हें बनाने में विटामिन B-12 की क्रिटिकल भूमिका है। हमारा पूरा नर्वस सिस्टम, ब्रेन, मेमोरी सबकुछ का काम रुक जाएगा, अगर शरीर में विटामिन B-12 का स्तर क्रिटिकली लो हो जाए। रोज कितना विटामिन B-12 लेना है जरूरी विटामिन B-12 इतना बेसिक है कि जन्म के पहले दिन से ही शरीर को इसकी जरूरत होती है। इसलिए प्रकृति ने मां के दूध में यह विटामिन पहले से इनबिल्ट कर रखा है। यहां इस बात को अलग से अंडरलाइन करना इसलिए जरूरी है क्योंकि मनुष्य के पहले भोजन यानी मां के दूध में वो सारे तत्व होते हैं, जो शरीर की एकदम प्राइमरी और क्रिटिकल जरूरत हैं। विटामिन B-12 उनमें से एक है। नीचे ग्राफिक में देखिए कि किस उम्र में हमारे शरीर को इसकी कितनी मात्रा लेनी चाहिए। विटामिन B-12 की कमी कैसे पता चलती है ऊपर आपने पढ़ा कि हमारा लिवर 3 से 5 साल तक के लिए विटामिन B-12 को स्टोर करके रखता है। इसलिए इसकी कमी का पता भी तुरंत नहीं चलता। लेकिन अगर यह बॉडी में क्रिटिकली लो हो जाए तो सबसे पहले इसका असर मेमोरी पर दिखता है। आप एकदम बेसिक बातें भूलने लगते हैं। जैसेेकि अपना जन्मदिन या अपने घर का रास्ता। वो बातें, जो बहुत गहराई से हमारी मेमोरी में इंग्रेंड होती हैं और जिन्हें भूलने का सवाल ही नहीं उठता। हाथ-पैरों का बार-बार सुन्न होना, झनझनाहट होना या अचानक बैठे–बैठे शरीर का नंब हो जाना विटामिन B-12 की कमी का संकेत है। डिटेल लक्षण नीचे ग्राफिक में देखिए– विटामिन B-12 डिफिशिएंसी का रिस्क किसे ज्यादा विटामिन B-12 की कमी का रिस्क तब ज्यादा होता है, जब आप पूरी तरह शाकाहारी हों क्योंकि धरती के किसी भी प्लांट या प्लांट बेस्ड सोर्स में यह विटामिन नहीं होता। मांसाहार का सेवन करने वाले लोगों के शरीर में फूड के जरिए यह जरूरत पूरी हो जाती है। शाकाहारी लोगों को इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। नीचे ग्राफिक में देखिए कि किन लोगों को विटामिन B-12 डिफिशिएंसी का ज्यादा रिस्क रहता है– शरीर में विटामिन B-12 की कमी को कैसे पूरा करें अगर आपकी ओवलऑल सेहत अच्छी है, पाचन दुरुस्त है तो आप भोजन के जरिए शरीर की विटामिन B-12 की जरूरत को पूरा कर सकते हैं। मांसाहारियों के लिए ये सबसे आसान है। अंडा, मछली, चिकन, ये सब विटामिन B-12 रिच फूड हैं। नीचे ग्राफिक में देखिए कि इनमें कितना विटामिन B-12 होता है। नीचे ग्राफिक में देखिए शाकाहारियों के लिए विटामिन B-12 के फूड सोर्स– सबसे ज्यादा परेशानी वीगन लोगों के लिए है, जो मांस के साथ दूध-दही से भी परहेज रखते हैं। ऐसे में उनके लिए विटामिन B-12 का सप्लीमेंट लेना जरूरी है। विटामिन B-12 के वीगन सप्लीमेंट भी आते हैं, जो एनीमल प्रोडक्ट की जगह माइक्रोऑर्गेनिज्म से बायोकेमिकली लैब में बनाए जाते हैं। हालांकि सच ये है कि ये सप्लीमेंट सामान्य एनीमल बेस्ड सप्लीमेंट्स के मुकाबले कम प्रभावी होते हैं। सेहतनामा- चना, राजमा, छोला खाकर पेट में होती गैस: प्रोटीन पचाने में दिक्कत हो तो क्या करें, प्रोटीन के साथ कार्ब और स्टार्च न लें कॉपी लिंक सेहतनामा- खट्टी डकारें कहीं GERD के कारण तो नहीं: क्या है एसिड रिफ्लक्स, यह क्रॉनिक कैसे होता है, GERD के लक्षण और सावधानियां कॉपी लिंक सेहतनामा: इंसानों के लिए सांप से ज्यादा खतरनाक मच्छर: 10 लाख से ज्यादा मौत मच्छरों के कारण, हर साल 70 करोड़ लोग संक्रमित कॉपी लिंक
5-AMINO-1MQ Vial
Size:100ml
Description For Research Use Only – Not for Human or Animal Consumption 5-Amino-1MQ is a small-molecule compound studied in preclinical research as a selective inhibitor of nicotinamide N-methyltransferase (NNMT) , an enzyme involved in cellular NAD⁺ metabolism
Ships within 48 hours · Estimated delivery Oct 12 - Oct 17
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